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🐢 180 साल बाद फ्लोरेआना द्वीप पर लौटे विशालकाय कछुए, विलुप्त मानी जा रही प्रजाति को मिली नई जिंदगी! 🌎
एक ऐसी प्रजाति, जो अपने पुश्तैनी घर से करीब 180 वर्षों से गायब थी, अब एक बार फिर गैलापागोस के फ्लोरेआना द्वीप पर दिखाई दे रही है। 🐢🌱
📅 20 फरवरी 2026 को फ्लोरेआना वंश से जुड़े 158 युवा विशालकाय कछुओं को उनके पूर्वजों के प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया। यह पहली बार है जब 180 से अधिक वर्षों के बाद इस वंश के कछुए फिर से द्वीप पर लौटे हैं।
⚠️ मूल फ्लोरेआना विशालकाय कछुआ 1800 के दशक के मध्य तक द्वीप से गायब हो गया था। इसके पीछे ऐतिहासिक शिकार और मानवीय गतिविधियों के साथ-साथ बाहरी आक्रामक प्रजातियों का प्रभाव भी प्रमुख कारण माना गया।
🧬 इस संरक्षण अभियान की शुरुआत 2000 में हुई एक अहम आनुवंशिक खोज से हुई। वैज्ञानिकों ने इसाबेला द्वीप के वुल्फ ज्वालामुखी क्षेत्र में ऐसे कछुओं की पहचान की, जिनमें फ्लोरेआना कछुओं की महत्वपूर्ण आनुवंशिक विरासत मौजूद थी।
इसके बाद वैज्ञानिकों ने चयनात्मक प्रजनन कार्यक्रम शुरू किया, ताकि ऐसे कछुए तैयार किए जा सकें जो आनुवंशिक रूप से मूल फ्लोरेआना आबादी के करीब हों।
📡 छोड़े गए कछुओं की उम्र 12 से 14 वर्ष है और उनकी गतिविधियों, आवास के इस्तेमाल तथा स्वास्थ्य पर नजर रखने के लिए प्रत्येक कछुए पर हल्का GPS ट्रांसमीटर लगाया गया है।
🌱 संरक्षण दल आने वाले वर्षों में हर साल लगभग 25 से 100 और कछुओं को छोड़ने की योजना पर काम कर रहे हैं, ताकि धीरे-धीरे एक स्वतंत्र और टिकाऊ आबादी स्थापित की जा सके।
🐢 ये विशालकाय कछुए सिर्फ एक प्रजाति नहीं, बल्कि पूरे पारिस्थितिकी तंत्र के लिए महत्वपूर्ण हैं। वे बीजों को फैलाने और वनस्पतियों के स्वरूप को प्रभावित करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
🌎 फ्लोरेआना पर इनकी वापसी Floreana Ecological Restoration Project के तहत प्रस्तावित 12 मूल प्रजातियों के पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
💚 कभी-कभी प्रकृति में खो चुकी भूमिका को संरक्षण के जरिए दोबारा मौका दिया जा सकता है।
🔥 क्या फ्लोरेआना द्वीप भविष्य में दुनिया के लिए सफल द्वीप पुनर्स्थापन (Island Restoration) का मॉडल बन सकता है?
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