ये भी पढ़ें
जालंधर में 1984 दंगा पीड़ितों का बड़ा मोर्चा
सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम, मांगें न मानीं तो CM आवास पर अनशन
जालंधर में 1984 सिख दंगा पीड़ितों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर बड़ा मोर्चा खोल दिया। पीड़ित परिवारों और विभिन्न संगठनों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे मुख्यमंत्री आवास के बाहर अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करेंगे।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि चार दशक बीत जाने के बावजूद उन्हें अब तक पूरा न्याय नहीं मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारें सिर्फ आश्वासन देती रही हैं, लेकिन जमीन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
पीड़ित परिवारों की प्रमुख मांगों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, लंबित मामलों की दोबारा जांच, उचित मुआवजा, सरकारी नौकरियों में राहत और बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी शामिल है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर सरकार ने उनकी आवाज नहीं सुनी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
मोर्चे के नेताओं ने साफ कहा कि यह सिर्फ मुआवजे की लड़ाई नहीं बल्कि इंसाफ की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि 1984 के जख्म आज भी ताजा हैं और पीड़ित परिवार लगातार न्याय की उम्मीद में संघर्ष कर रहे हैं।
प्रदर्शन के चलते इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और हालात पर नजर बनाए रखी।
वायरल हेडलाइन:
“1984 दंगा पीड़ितों का सरकार पर बड़ा दबाव, 15 दिन बाद CM आवास घेरने की चेतावनी!”


