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2 सितंबर 2026 Gold Price: सोने के दाम में तेज गिरावट, 24K, 22K और 18K गोल्ड के रेट जानें
नई दिल्ली, 2 सितंबर 2026: भारतीय सर्राफा बाजार में बुधवार को सोने की कीमतों में एक बार फिर तेज गिरावट देखने को मिली। वैश्विक बाजार में कमजोर रुझान के बीच भारत में सोने का भाव अपने पिछले बंद स्तर से करीब 1.21% नीचे आया। MCX पर भी गोल्ड करीब 1% से ज्यादा फिसलकर ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार करता दिखा।
24K, 22K और 18K सोने का आज का भाव
2 सितंबर को उपलब्ध ताजा बाजार आंकड़ों के अनुसार भारत में प्रमुख शहरों में सोने के रेट लगभग इस स्तर पर रहे:
शुद्धता 1 ग्राम 10 ग्राम
24 कैरेट ₹15,202 के आसपास ₹1,52,020
22 कैरेट ₹13,935 के आसपास ₹1,39,350
18 कैरेट ₹11,402 के आसपास ₹1,14,020
दिल्ली में 24 कैरेट सोना करीब ₹1,52,170 प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट ₹1,39,500 और 18 कैरेट करीब ₹1,14,170 प्रति 10 ग्राम रहा। मुंबई, पुणे, केरल और हैदराबाद जैसे कई बाजारों में भी करीब-करीब समान दरें दर्ज की गईं।
चेन्नई में सबसे बड़ी गिरावट
चेन्नई में गिरावट अपेक्षाकृत ज्यादा रही। यहां 24 कैरेट सोना करीब ₹1,52,020 प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जो एक दिन में लगभग ₹2,620 की कमी है। 22 कैरेट सोने में करीब ₹2,400 और 18 कैरेट में लगभग ₹2,250 प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई।
आंकड़ों के मुताबिक 29 अगस्त से 2 सितंबर के बीच चेन्नई में 24 कैरेट सोने का भाव 10 ग्राम पर करीब ₹9,440 तक घट चुका है, यानी हालिया गिरावट काफी तेज रही है।
दुबई में भी सोने के दाम नीचे
दुबई के बाजार में भी 2 सितंबर को सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। Dubai Gold & Jewellery Group के आंकड़ों के अनुसार:
24 कैरेट: AED 518.25 प्रति ग्राम
22 कैरेट: AED 480.00 प्रति ग्राम
21 कैरेट: AED 460.25 प्रति ग्राम
18 कैरेट: AED 394.50 प्रति ग्राम
एक दिन पहले 24 कैरेट सोना AED 522 और 22 कैरेट AED 483.25 प्रति ग्राम था।
सोना क्यों गिर रहा है?
सोने की मौजूदा कमजोरी के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय कारण दिखाई दे रहे हैं। वैश्विक स्पॉट गोल्ड करीब $4,300 प्रति ट्रॉय औंस तक फिसल गया है और लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज हुई।
सबसे बड़ा दबाव अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, मजबूत डॉलर और ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की उम्मीदों से आया है। अमेरिका-ईरान तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से महंगाई का दबाव भी बढ़ा है। इससे बाजार में यह आशंका मजबूत हुई है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को ऊंचा रख सकता है या बढ़ोतरी पर विचार कर सकता है।
10 वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड करीब 4.8% तक पहुंच गई, जबकि कच्चा तेल भी तेजी में रहा। ऊंची बॉन्ड यील्ड और मजबूत डॉलर आम तौर पर ऐसे गैर-ब्याज वाले निवेश पर दबाव डालते हैं, जिससे सोने की मांग प्रभावित हो सकती है।
आगे क्या होगा?
विश्लेषण: मौजूदा गिरावट को केवल घरेलू मांग में कमजोरी के तौर पर देखना सही नहीं होगा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बॉन्ड यील्ड, अमेरिकी फेड की नीति, डॉलर और कच्चे तेल की दिशा अगले कुछ दिनों में सोने के लिए अहम संकेतक रहेंगे। यदि ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख बना रहता है और डॉलर मजबूत रहता है, तो सोने पर और दबाव संभव है। दूसरी ओर, भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने या अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों में कमजोरी आने पर सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग फिर बढ़ सकती है।
निवेशकों और खरीदारों के लिए संकेत: लगातार गिरावट के बावजूद सोने को लेकर जल्दबाजी में खरीद या बिक्री का फैसला करने के बजाय अंतरराष्ट्रीय कीमत, डॉलर-रुपया विनिमय दर और घरेलू बाजार के रुझान पर नजर रखना बेहतर रहेगा। आभूषण खरीदते समय यह भी ध्यान रखें कि मेकिंग चार्ज, GST और ज्वेलर का मार्जिन शामिल होने के बाद वास्तविक भुगतान बाजार के घोषित गोल्ड रेट से अलग हो सकता है।
नोट: सोने के भाव दिनभर बदल सकते हैं और शहर, ज्वेलर तथा शुद्धता के अनुसार मामूली अंतर संभव है। ऊपर दिए गए भाव 2 सितंबर 2026 के उपलब्ध बाजार आंकड़ों पर आधारित हैं।


