ये भी पढ़ें
Fourlane: हर बार ‘डेड’ हो रही डेडलाइन, रफ्तार की राह पर सिर्फ सिसकियां और इंतजार
इस महीने नहीं, 2 महीने बाद चालू हो जाएगा। दो क्या अब तो चार महीने गुजर गए हैं जनाब। थोड़ा और इंतजार कर लो। डेडलाइन बढ़ा दी है, जल्द ही फोरलेन पर आराम और सुखद सफर का ऐहसास होगा। यह वह पंक्तियां हैं, जो अकसर अखबारों और मीडिया में पढऩे या सुनने को मिलती हैं, लेकिन जनता का इंतजार बढ़ता जाता है। एक बरसात गई, दूसरी गई और अब तीसरी दहलीज पर है। जनता जानना चाहती है कि मटौर-शिमला फोरलेन पर कब सफर सुहाना होगा। कछियारी से भंगवार तक मटौर-शिमला फोरलेन पर लोगों का इंतजार खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। एनएचएआई ने पिछले एक साल में इस मार्ग की डेडलाइन कई बार बढ़ाई है।
समेला के पास रियूंद खड्ड पर निर्माणाधीन फोरलेन पुल के पूरा होने में अभी कम से कम तीन-चार महीने लग सकते हैं। पिल्लरों की ऊंचाई पूरी हो चुकी है और अब उनके आधे हिस्से तक मिट्टी फिलिंग का कार्य चल रहा है, जिसमें हजारों टिप्पर मिट्टी लगाई जाएगी। इसके बाद ज्वाइंट और स्पेन स्ट्रक्चर लगाने के लिए भारी मशीनरी और क्रेन का प्रयोग किया जाएगा। अंत में साइड अप्रोच और डंगे लगाने के बाद पुल निर्माण पूरा होगा। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही कछियारी से भंगवार तक यातायात शुरू हो सकेगा। फिर 45 मिनट का सफर 15 मिनट में पूरा हो जाएगा। यानी कि कछियारी से रानीताल पहुंचे में सिर्फ 15 मिनट ही लगेंगे, लेकिन जनता के लिए अभी यह 15 मिनट 15 महीनों जैसे लग रहे हैं, क्योंकि काम की डेडलाइन हर बार डेड हो रही है और निर्माण सरकता जा रहा है।
यह हाल सिर्फ मटौर-शिमला फोरलेन का नहीं है। हिमाचल के सभी फोरलेन इंतजार की राह पर रेंगते नजर आ रहे हैं।


