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हिमाचल में बड़ा फैसला: जीरो एनरोलमेंट वाले स्कूल बंद, SMC शिक्षकों की नौकरी भी खत्म!
हिमाचल प्रदेश सरकार ने जीरो या बेहद कम एनरोलमेंट वाले स्कूलों को बंद और मर्ज करने की प्रक्रिया के बीच बड़ा आदेश जारी किया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि जिन स्कूलों को विद्यार्थियों की संख्या शून्य होने के कारण बंद किया जा रहा है, वहां कार्यरत SMC शिक्षकों की सेवाएं भी स्वतः समाप्त मानी जाएंगी।
सरकार ने शिक्षा निदेशालय को निर्देश दिए हैं कि बंद स्कूलों के SMC अध्यापकों को किसी अन्य स्कूल में समायोजित या तैनात न किया जाए। आदेश में कहा गया है कि कुछ मामलों में बंद हो चुके स्कूलों के शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में पढ़ाने की अनुमति दी जा रही थी, जो नियमों के खिलाफ है।
विभाग ने जिला स्तर पर विशेष जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। यदि कोई SMC शिक्षक बंद स्कूल से हटने के बाद किसी अन्य स्कूल में सेवाएं दे रहा है, तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई होगी।
सरकार ने स्पष्ट किया कि SMC शिक्षक नियमित या कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी नहीं होते, बल्कि उनकी नियुक्ति संबंधित स्कूल की जरूरत और SMC समिति के आधार पर होती है। ऐसे में स्कूल बंद होते ही समिति और शिक्षकों का कार्यकाल स्वतः समाप्त माना जाएगा।


