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मंडी मे भर्ती और सेवा शर्तें कानून 2024 पर न्यायालय का फैसला सुक्खू सरकार की असंवैधानिक नीति पर तमाचा : जयराम*
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि आज हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा सुक्खू सरकार के हिमाचल प्रदेश सरकारी कर्मचारियों की भर्तियों की सेवा की शर्तें विधेयक 2024 को असंवैधानिक घोषित कर दिया गया। इससे पहले भी सरकार द्वारा यह कानून लाया गया था ताकि हिमाचल प्रदेश के कर्मचारियों के अनुबंध कार्यकाल और सीनियोरिटी की सेवा शर्तों को बदला जा सके। पूर्व में हिमाचल के मुख्य न्यायाधीश एमएस रामचंद्र राव की अगुवाई वाली खंडपीठ ने इसे खारिज कर दिया था। कर्मचारियों का हक छीनने के लिए सरकार सुप्रीम कोर्ट गई, वहां पर भी सरकार को हार का सामना करना पड़ा। सरकार ने इसके बाद भी हार नहीं मानी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने धर्मशाला के शीतकालीन सत्र-2024 में इस बिल को लाकर फिर से पास कराया। संख्या बल में ज्यादा होने के कारण भारतीय जनता पार्टी के भारी विरोध के बाद भी यह बिल पास हुआ। उस समय भी हमने इस कानून का विरोध करते हुए इसे रेट्रोस्पेक्टिव लागू करने का विरोध किया था और साफ कहा था कि यह बिल न्यायालय द्वारा खारिज कर दिया जाएगा और इससे सदन की गरिमा गिरेगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और उनकी पूरी मंडली प्रदेश और देश भर में घूम-घूम कर खुद को कर्मचारी हितैषी होने का ढोल पीटती है, लेकिन जब भी मौका मिलता है तो कर्मचारियों के साथ हर प्रकार का अन्याय करती है।


