बड़ी खबरें
● पट्टाबरावरी में अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठ जन दिवस धूमधाम से मनाया, बुजुर्गों का हुआ सम्मान ● जवाहर नवोदय विद्यालय कुनिहार में मनाई गांधी-शास्त्री जयंती ● बी.एल. स्कूल कुनिहार के पूर्व छात्र आयुष ठाकुर बने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट ● कुनिहार पटवार खाने में पटवारी की स्थाई नियुक्ति न होने से जनता में रोष - विकास सभा ने दी आंदोलन की चेतावनी* ● राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पट्टा बरावरी में स्वच्छता पखवाड़ा धूमधाम से मनाया गया ● वरिष्ठ नागरिक कल्याण संघ सायरी ने किया किन्नौर और लाहौल-स्पीति का भ्रमण - 60 से 77 वर्ष की उम्र में किया दुर्गम यात्रा का कारनामा ● राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के चौथे स्थापना दिवस पर बड़ा ऐलान - 2 अक्टूबर से मनाली से 600 KM की "सवर्ण समाज अश्वमेध न्याय यात्रा ● आर.पी. जोशी को 19वें राष्ट्रीय अधिवेशन में मिला विशेष सम्मान, हिमाचल का बढ़ाया गौरव ● सीएम का अर्की दौरा निराशाजनक" - विजय सिंह ठाकुर ने कहा, नई घोषणाओं की आस में रहे लोग ● बी.एल. स्कूल के जिगर तनवर का डबल धमाका - जीते 2 गोल्ड, राज्य स्तर के लिए चयन ● पट्टाबरावरी में अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठ जन दिवस धूमधाम से मनाया, बुजुर्गों का हुआ सम्मान ● जवाहर नवोदय विद्यालय कुनिहार में मनाई गांधी-शास्त्री जयंती ● बी.एल. स्कूल कुनिहार के पूर्व छात्र आयुष ठाकुर बने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट ● कुनिहार पटवार खाने में पटवारी की स्थाई नियुक्ति न होने से जनता में रोष - विकास सभा ने दी आंदोलन की चेतावनी* ● राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पट्टा बरावरी में स्वच्छता पखवाड़ा धूमधाम से मनाया गया ● वरिष्ठ नागरिक कल्याण संघ सायरी ने किया किन्नौर और लाहौल-स्पीति का भ्रमण - 60 से 77 वर्ष की उम्र में किया दुर्गम यात्रा का कारनामा ● राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के चौथे स्थापना दिवस पर बड़ा ऐलान - 2 अक्टूबर से मनाली से 600 KM की "सवर्ण समाज अश्वमेध न्याय यात्रा ● आर.पी. जोशी को 19वें राष्ट्रीय अधिवेशन में मिला विशेष सम्मान, हिमाचल का बढ़ाया गौरव ● सीएम का अर्की दौरा निराशाजनक" - विजय सिंह ठाकुर ने कहा, नई घोषणाओं की आस में रहे लोग ● बी.एल. स्कूल के जिगर तनवर का डबल धमाका - जीते 2 गोल्ड, राज्य स्तर के लिए चयन
राम जी वैसे तो इतनी मर्यादाओं का पालन करते हैं और यहां बाली को छुप करके मार रहे हैं। ऐसा क्यों?
भारत

राम जी वैसे तो इतनी मर्यादाओं का पालन करते हैं और यहां बाली को छुप करके मार रहे हैं। ऐसा क्यों?

ब्यूरो रिपोर्ट | अपडेटेड: 12 Apr, 2026
इस लेख में

    ये भी पढ़ें

    राम जी वैसे तो इतनी मर्यादाओं का पालन करते हैं और यहां बाली को छुप करके मार रहे हैं। ऐसा क्यों?    अब इसके पीछे कारण एक बताया जाता है कि बाली को ऐसा वरदान था
    विज्ञापन Website development Agency


    राम जी वैसे तो इतनी मर्यादाओं का पालन करते हैं और यहां बाली को छुप करके मार रहे हैं। ऐसा क्यों?


       अब इसके पीछे कारण एक बताया जाता है कि बाली को ऐसा वरदान था कि उसके सामने कोई पराक्रमी आ जाए। उसकी आधी शक्ति बाली में आ जाती। तो क्या इस भैंसे राम जी उसके सामने नहीं गए कि भाई हम त्रिलोकीनाथ हैं। हम कहीं इसके सामने चले गए तो हमारी आदि शक्ति इसमें आ गई तो आधा त्रिलोकीनाथ तो यही बन जाएगा। क्या ये बात थी? क्या ऐसा नहीं है। बात क्या थी? अब ध्यान से सुनना। एक बार ऋषमुख पर्वत से नीचे उतर करके हनुमान जी महाराज विचरण कर रहे थे। 

       हनुमानजी घूम रहे थे। वहीं सामने से बाली आया तो बाली जानता तो था ही हमारा गुरु पुत्र है हनुमान। हनुमान जी ने प्रणाम किया। गुरु पुत्र हैं। और वो गुरु शिष्य है। बाली बोला कि हनुमान जी हमने बहुत सुना है कि आप बड़े बलवान हो। हनुमान जी बोले नहीं हमारे पास तो केवल हमारे स्वामी का बल है हमारे गुरु का बल है हमारे हमारे नाथ का बल है हम पर कोई बल नहीं हनुमान हनुमान शब्द का मतलब क्या है जो मान रहित है जिसके मान का हनन हो चुका है वही तो है हनुमान उनको मान कभी नहीं होता अपनी बुद्धि का अपने बल का अपने ज्ञान का वो हनुमान है और एक और बात जो उनकी शरण में जाता है वह यदि मान रहित नहीं हुआ तो ये समझ लीजिए कि हनुमान जी की उसने अच्छे से आराधना की नहीं है हनुमान जी की सेवा का फल क्या है

        मान रहित हो जाना हनुमान हनुमान जी बोले हम पर तो नाथ का बल है गुरु का बल है हम पर कहां बल है बाली बोला नहीं नहीं नहीं देखो हम सब जानते हैं तुम बहुत बलवान हो तुम हमारे पिताजी महाराज को आम समझ के खाने दौड़े आए बहुत बल है तुम्हारे पास अब एक काम करते हैं थोड़ा कल एक हो जाए थोड़ी दो हाथ हो जाए जरा हम भी तो देखें हनुमान में कितना बल है हनुमान जी महाराज बोले हमारी इन सब विवादों में स्थिति नहीं है हम भक्त आदमी है भक्त विवादों से बचता है बोले विवाद की बात नहीं केवल बल बल परीक्षण करेंगे किसमें ज्यादा बल हनुमान जी बोले तुम्हारे इतने ही ज्यादा चटी काट रही है हाथ में तो आ जाओ कल तुमसे युद्ध करते हैं और बाली को यह वरदान था कि सामने जो योद्धा आएगा उसकी आदि शक्ति उसमें आ जाती थी बाली खड़ा था कस करके अपना बदन बोले आए हनुमान जी आज युद्ध करके दिखाता हूं हनुमान जी जैसे ही बाली के सामने युद्ध करने के लिए आए और हनुमान जी के आधे बल ने जैसे ही बाली के अंदर प्रवेश करना प्रारंभ किया बाली का शरीर फटने लगा नसें फटने लगी सिर्फ घूमने लगा। सिर पकड़ के चीखने चिल्लाने लगा। ज्वर चढ़ने लगा। लाल ताम्र वर्ण हो गया बाली का। इतने में आकर के कुछ वानरों ने हनुमान जी से कहा आप सामने से हटो नहीं तो मर जाएगा ये। क्यों हनुमान जी का आधा बल भी बाली सहन नहीं कर पा रहा था। बाली में इतनी सामर्थ्य नहीं कि हनुमान जी के उस बल को अपने अंदर रख सके। तो तर्क 

        यह निकला कि राम जी छुपके क्यों थे? बोले भैया हमारे दास के बल को तो यह सहन नहीं कर पाया। यदि हम सामने चले गए तो सामने जाते ही मर जाएगा। यह रुक ही नहीं पाएगा। त्रिलोकी का भार मेरे सिर पर है। यदि आधा भार भी इसके सिर पर आ गया तो जमीन में रसातल में चला जाएगा बाली। इसलिए राम जी छुपे हुए हैं। जय श्री राम जय हनुमान जी महाराज



    ✕
    विज्ञापन web development agency