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10 मई तक वार्ता नहीं तो कांग्रेस के खिलाफ खुला मोर्चा, पेंशनरों ने दी चुनावी चुनौती!
कुनिहार से नेशन न्यूज़ के लिए हरजिन्दर ठाकुर की रिपोर्ट :-
कुनिहार में भारतीय राज्य पेंशनर संघ की बैठक में पेंशनरों ने सरकार के खिलाफ तीखा रोष व्यक्त करते हुए बड़ा चुनावी ऐलान कर दिया। सीनियर सिटीजन हाल में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता इकाई अध्यक्ष आर.पी. जोशी ने की, जबकि महासंघ के प्रदेश महामंत्री इंदर पाल शर्मा विशेष रूप से मौजूद रहे।
बैठक में वक्ताओं ने पेंशनरों की लंबित देनदारियों को लेकर सरकार की कथित टालमटोल नीति और मुख्यमंत्री द्वारा दिए जा रहे आश्वासनों पर सवाल उठाए। महासचिव इंदर पाल शर्मा ने कहा कि संघर्ष समिति लंबे समय से सरकार से वार्ता और भुगतान की मांग कर रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से कई बार बैठक का आश्वासन दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया।
शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री के निजी सचिव ने 2 से 5 मई के बीच बैठक कराने की बात कही थी और अब 10 मई को सचिवालय में बैठक की तारीख तय करने के लिए बुलाया गया है। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि 10 मई तक सरकार की ओर से आधिकारिक वार्ता पत्र जारी नहीं किया गया तो संघर्ष समिति पूरे प्रदेश में शहरी निकाय और पंचायत चुनावों में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों के खिलाफ अभियान चलाएगी।
उन्होंने कहा कि पेंशनर घर-घर जाकर कांग्रेस प्रत्याशियों के विरोध में वोट मांगेंगे और अपने संगठनों या अन्य योग्य उम्मीदवारों का समर्थन करेंगे। इतना ही नहीं, इंदर पाल शर्मा ने 2027 विधानसभा चुनाव में 68 सीटों पर पेंशनरों के उम्मीदवार उतारने की भी घोषणा कर दी।
उन्होंने पेंशनरों से एकजुट रहने और तथाकथित “सरकारी पिट्ठुओं” से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि अब लड़ाई केवल देनदारियों की नहीं, बल्कि राजनीतिक स्तर पर भी लड़ी जाएगी।
बैठक में हिमाचल प्रदेश कॉरपोरेट सेक्टर के प्रदेश अध्यक्ष देवी लाल समेत राकेश शर्मा, हरी दास, राम लाल, जय लाल, ओमप्रकाश राणा, ओमप्रकाश गर्ग, संत पाल शर्मा, कंचल माला, कीर्ति सिंह, किशन चंद वर्मा, हरदेव कुमार, तारा चंद, देवेंद्र कुमार कौशल, चेत राम तनवर, नरेंद्र कुमार, अशोक कुमार और एस.पी. शाह सहित कई पेंशनरों ने भाग लिया।

