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कांग्रेस व भाजपा दोनों पार्टियों की सरकारों द्वारा वित्तीय संकट का भुगतान पेंशनरों को भुगतना पड़ रहा है
भारत

कांग्रेस व भाजपा दोनों पार्टियों की सरकारों द्वारा वित्तीय संकट का भुगतान पेंशनरों को भुगतना पड़ रहा है

ब्यूरो रिपोर्ट | अपडेटेड: 13 Feb, 2026
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    कांग्रेस व भाजपा दोनों पार्टियों की सरकारों द्वारा वित्तीय संकट का भुगतान पेंशनरों को भुगतना पड़ रहा है। कुनिहार वे नेशन नियुज के लिए हरजिन्दर ठाकुर कि रिपोर्ट:
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    कांग्रेस व भाजपा दोनों पार्टियों की सरकारों द्वारा वित्तीय संकट का भुगतान पेंशनरों को भुगतना पड़ रहा है।

    कुनिहार वे नेशन नियुज के लिए हरजिन्दर ठाकुर कि रिपोर्ट:-

    आज दिनांक 12 फरवरी 2026 को पुलिस पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन सोलन के संयोजक व वरिष्ठ मुख्य सलाहकार धनीराम तनवर एवं समस्त कार्यकारिणी श्यामलाल ठाकुर सतपाल शर्मा नेकीराम पुष्पा सूद चमन लाल वेद ठाकुर जसवीर सिंह निर्मल ठाकुर दीप राम ठाकुर नागेंद्र ठाकुर प्रेम कंवर रतिराम शर्मा लेखराम काईथ संतराम चंदेल पतराम पवंर हरि सिंह पाल नित्यानंद जीत सिंह‌ बिना देबी इंदर सिंह इत्यादि ने अपने संयुक्त बयान में कहा है कि आज जो प्रदेश में आर्थिक संकट पैदा हुआ है वह पिछली सरकार वह वर्तमान सरकार की देन है क्योंकि पिछली सरकार भी जाते वक्त 12000 करोड़ की देनदारियां छोड़ गई थी इसके बाद केंद्र सरकार के असहयोग व वर्तमान सरकार की फिजूल खर्ची पर करोड रुपए खर्च करने पर यह आर्थिक संकट पैदा हुआ है जिसका नतीजा आज पेंशनरों को भुगतना पड़ रहा है क्योंकि सालों से मेडिकल बिलों का भुगतान नहीं हो रहा है जबकि मुख्यमंत्री महोदय ने कई महीने पहले अपनी घोषणा में कहा था कि जितनी भी मेडिकल बिल पड़े हैं उन्हें एक महीने के अंदर अदा कर दिया जाएगा यह भी घोषणा झूठी निकली कई हजार‌ करोड़ की देनदारियां डी,ऐ व वेतन के एरियर के लिए भी पेंशनर 3 साल से इंतजार कर रहे हैं मगर केंद्र सरकार द्वारा आर‌‌डीजी व जीएसटी के हिस्से का पैसा ना देने के कारण दोनों पार्टियों एक दूसरे के खिलाफ बयान बाजी पर उतराई है जिसके कारण पुलिस पेंशनर जो अपनी उम्र के अंतिम पड़ाव पर बैठे हैं और गंभीर बीमारी से पीड़ित है उन्हें इन सरकारों की नीतियों के कारण परेशान होना पड़ रहा है जिनके मेडिकल बिल न मिलने के कारण अपना सही तौर पर इलाज करवाने में असमर्थ है और बहुत से पेंशनर तो इसी शंकट‌ के कारण भगवान को प्यारे हो गए हैं लेकिन पिछली सरकार वर्तमान सरकार व केंद्र सरकार का आपसी ताल मेल न होने के कारण आज प्रदेश के सभी पेंशनरों को इनके कारण बितीय सकटं खड़ा हो गया है जबकि इसमें पेंशनरों का कोई हाथ नहीं है यह तो सरकारों की आपसी मत भेदों होने के कारण व वर्तमान सरकार द्वारा सैकड़ो सलाहकार उपाध्यक्ष अध्यक्ष निगम बोर्ड के नियुक्ति करने पर व बिना किसी जरुरत के नए-नए भवन और दफ्तरों पर वह बड़ी गाड़ियों पर लाखों करोड़ों रुपए खर्च किए गए सभी ने आर्थिक स्थिति क्यों नहीं देखी अपने आप तो इन्हें लाखों रुपए के वेतन भत्ते बढ़कर मिल रहे हैं सभी सरकार में बैठे माननीय मौज मस्ती कर रहे हैं क्या यह वित्तीय संकट पेंशनरों के लिए ही खड़ा हुआ है। पेंशनर हर बार सालों से सरकार से मांग रख रहे हैं कि तमाम जो पैंडिंग देनदारियां है व मेडिकल बिल है उन्हें जल्दी प्रदान किया जाए आपकी वह केंद्र की लड़ाइयों से हमें कोई मतलब नहीं है पैनशर को अपना हक चाहिए जो की करोड़ों में सरकार के पास पेंडिंग पड़ा है नहीं तो इसका खमियाजा सभी को यानी दोनों पार्टियों को चुनाव के वक्त भुगतना पड़ेगा l

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