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कानूनी दायरे में थी हिमाचल पुलिस की कार्रवाई, चिडग़ांव प्रकरण में शिमला पुलिस ने लिया था फौरी एक्शन
शिमला पुलिस ने चिडग़ांव क्षेत्र में सामने आए कथित अपहरण के मामले में त्वरित, संवेदनशील और विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में लिया। पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी की प्रेस विज्ञाप्ति के अनुसार यह मामला 25 फरवरी को उस समय सामने आया, जब चांशुल रिजॉर्ट से पुलिस को सूचना मिली कि सिविल कपड़ों में कुछ लोग, जो हिमाचल प्रदेश के बाहर के पंजीकरण नंबर वाली गाडिय़ों में थे, रिजॉर्ट में ठहरे तीन व्यक्तियों को अपने साथ ले गए हैं। साथ ही कुछ इलेक्ट्रॉनिक सामान, जिसमें एक डीवीआर भी शामिल है, ले जाने की बात सामने आई। सूचना को गंभीरता से लेते हुए शिमला पुलिस ने तुरंत कानूनी कार्रवाई शुरू की और तथ्यों की जांच में जुट गई। तेजी से कार्रवाई करते हुए तथा सोलन पुलिस के साथ समन्वय बनाकर पुलिस टीमों ने संबंधित वाहनों और व्यक्तियों को शोघी, आईएसबीटी शिमला और धर्मपुर में इंटरसेप्ट किया।
पुलिस की ओर से बताया गया कि जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित समूह दिल्ली पुलिस और हरियाणा पुलिस के कर्मियों का था, जो दिल्ली में दर्ज एक मामले के सिलसिले में इन तीन व्यक्तियों का पीछा कर रहे थे और कथित रूप से उन्हें डिटेन किया गया था। सभी व्यक्तियों के अधिकारों की सुरक्षा और कानूनी प्रक्रिया के पूर्ण पालन को सुनिश्चित करते हुए शिमला पुलिस ने उन्हें स्थानीय सक्षम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। तीनों व्यक्तियों का रिपन अस्पताल में मेडिकल परीक्षण भी कराया गया। इसके बाद एसीजेएम-दो न्यायालय शिमला द्वारा लगभग 18 घंटे का ट्रांजिट रिमांड प्रदान किया गया।

