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पिता को बचाने दौड़ी 10 साल की बेटी… और बन गई बहादुरी की अमर मिसाल
बिहार के Sitamarhi जिले के Pupri इलाके में 17 अप्रैल 2026 को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई।
जब आग बनी काल… और बेटी बनी साहस की मिसाल
अचानक लगी भीषण आग—संभावित तौर पर गैस सिलेंडर या ज्वलनशील पदार्थ के कारण—ने पूरे घर को चपेट में ले लिया। उस समय परिवार के अन्य सदस्य बाहर थे, लेकिन 50 वर्षीय Vinod Kumar, जो लकवाग्रस्त थे, अंदर ही फंसे रह गए।
ममता ने डर को हरा दिया
10 साल की छोटी कुमारी ने खतरे को नजरअंदाज कर अपने पिता को बचाने का फैसला किया। पड़ोसियों की लाख कोशिशों और पुकार के बावजूद, वह अपने पिता को अकेला छोड़ने को तैयार नहीं हुई।
आखिरी कोशिश… और हमेशा के लिए खामोशी
अपने पिता तक पहुंचने के लिए वह जलते घर में दौड़ गई—लेकिन आग इतनी भयानक थी कि दोनों को बचाया नहीं जा सका। रेस्क्यू टीम पहुंचने से पहले ही पिता और बेटी दोनों की मौत हो गई।
🕊️ गांव में शोक, दिलों में गर्व
स्थानीय लोगों के मुताबिक, छोटी कुमारी बेहद साहसी थी और अपने पिता से उसका रिश्ता अटूट था। उसकी कहानी आज हर किसी की आंखें नम कर रही है।
🌟 एक कड़वी लेकिन सच्ची सीख
यह घटना याद दिलाती है कि प्यार और त्याग की कोई उम्र नहीं होती—कभी-कभी सबसे छोटे दिल सबसे बड़े साहस की मिसाल बन जाते हैं।
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