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*राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के चौथे स्थापना दिवस पर बड़ा ऐलान - 2 अक्टूबर से मनाली से 600 KM की "सवर्ण समाज अश्वमेध न्याय यात्रा"*
*शिमला से नेशन न्यूज के लिए हरजिन्दर ठाकुर की रिपोर्ट :-*
*शिमला, हिमाचल प्रदेश।* राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के चौथे स्थापना दिवस पर *कालीबाड़ी मंदिर शिमला* से पार्टी के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष *रूमित सिंह ठाकुर* ने 600 किलोमीटर *“सवर्ण समाज अश्वमेध न्याय यात्रा”* की घोषणा की।
यह यात्रा *2 अक्टूबर 2026 को सोलंगनाला मनाली से* शुरू होकर 21 दिन पैदल चलकर *22 अक्टूबर को शिमला* पहुंचेगी। यात्रा का नेतृत्व राष्ट्रीय अध्यक्ष रूमित सिंह ठाकुर और प्रदेश अध्यक्ष *अमर चंद ठाकुर* करेंगे।
*यात्रा की विशेषता -*
● 21 दिनों में मनाली से शिमला तक पैदल यात्रा
● प्रतिदिन शाम को मशाल यात्रा
● अश्वमेध का वास्तविक घोड़ा रहेगा यात्रा के साथ
● देश के विभिन्न राज्यों से सवर्ण समाज के नेता शामिल होंगे
रूमित सिंह ठाकुर ने कहा कि स्थापना दिवस के साथ ही हिमाचल में *"हिमाचल मांगे तीसरा विकल्प"* अभियान का औपचारिक आगाज हो गया है और यह यात्रा उसी का अगला चरण है। यात्रा के दौरान सदस्यता अभियान भी तेज किया जाएगा।
*यात्रा के प्रमुख मुद्दे -*
1. UGC रोलबैक
2. सवर्ण आयोग को एक्ट के रूप में लागू करना
3. वक्फ बोर्ड की तर्ज पर सनातन बोर्ड का गठन
4. गौ माता को राज्य माता का दर्जा
5. आर्थिक आधार पर आरक्षण, SC-ST Act में संशोधन व क्रीमीलेयर
6. नशा व सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
7. बेरोजगारी, किसानों-बागवानों, बदहाल सड़कों व स्वास्थ्य सुविधाओं का मुद्दा
8. अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन राशि बंद करना
9. 5 साल तू लूट - 5 साल मैं लूटू की भाजपा-कांग्रेस व्यवस्था को खत्म कर तीसरे विकल्प के रूप में देवभूमि पार्टी को सत्ता में लाना
*यात्रा मार्ग -* 2 अक्टूबर सोलंगनाला → परिणि मनाली → कुल्लू → ओट → मंडी → पधर → जोगिंद्रनगर → बैजनाथ → पालमपुर → कांगड़ा → देहरा → ज्वालाजी → हमीरपुर → घुमारवीं → बिलासपुर → दाड़लाघाट → *कुनिहार (17 अक्टूबर)* → धर्मपुर → सोलन → शोघी → तारा देवी → सचिवालय शिमला। हर पड़ाव पर रात्रि विश्राम और मशाल जुलूस होगा।
यात्रा में *महिपाल सिंह मकराना, यू.एस. राणा, ठाकुर पूर्ण सिंह, राजेंद्र नरूका* सहित देशभर के सवर्ण नेता शामिल होंगे। 22 अक्टूबर को शिमला पहुंचकर मुख्यमंत्री के माध्यम से प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा जाएगा, जिसमें UGC रोलबैक को लेकर चलाए गए हस्ताक्षर अभियान को भी शामिल किया जाएगा।


