बड़ी खबरें
वरिष्ठ नागरिक कल्याण संघ सायरी ने किया किन्नौर और लाहौल-स्पीति का भ्रमण - 60 से 77 वर्ष की उम्र में किया दुर्गम यात्रा का कारनामा राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के चौथे स्थापना दिवस पर बड़ा ऐलान - 2 अक्टूबर से मनाली से 600 KM की "सवर्ण समाज अश्वमेध न्याय यात्रा आर.पी. जोशी को 19वें राष्ट्रीय अधिवेशन में मिला विशेष सम्मान, हिमाचल का बढ़ाया गौरव सीएम का अर्की दौरा निराशाजनक" - विजय सिंह ठाकुर ने कहा, नई घोषणाओं की आस में रहे लोग बी.एल. स्कूल के जिगर तनवर का डबल धमाका - जीते 2 गोल्ड, राज्य स्तर के लिए चयन DUSU Election 2026: ABVP ने जीते 4 में से 3 प्रमुख पद, BJP नेताओं ने दी बधाई जरूरतमंद परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध करवाना प्रदेश सरकार का लक्ष्य - डॉ. शांडिल संजय अवस्थी ने राज्य स्तरीय सायरोत्सव की प्रथम सांस्कृतिक संध्या का किया शुभारम्भ 180 साल बाद फ्लोरेआना द्वीप पर लौटे विशालकाय कछुए, विलुप्त मानी जा रही प्रजाति को मिली नई जिंदगी! 1984 में AI को लेकर जेम्स कैमरून ने दी थी चेतावनी, अब बोले—‘जो खतरा बताया था, वह हकीकत बन रहा है!’ वरिष्ठ नागरिक कल्याण संघ सायरी ने किया किन्नौर और लाहौल-स्पीति का भ्रमण - 60 से 77 वर्ष की उम्र में किया दुर्गम यात्रा का कारनामा राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के चौथे स्थापना दिवस पर बड़ा ऐलान - 2 अक्टूबर से मनाली से 600 KM की "सवर्ण समाज अश्वमेध न्याय यात्रा आर.पी. जोशी को 19वें राष्ट्रीय अधिवेशन में मिला विशेष सम्मान, हिमाचल का बढ़ाया गौरव सीएम का अर्की दौरा निराशाजनक" - विजय सिंह ठाकुर ने कहा, नई घोषणाओं की आस में रहे लोग बी.एल. स्कूल के जिगर तनवर का डबल धमाका - जीते 2 गोल्ड, राज्य स्तर के लिए चयन DUSU Election 2026: ABVP ने जीते 4 में से 3 प्रमुख पद, BJP नेताओं ने दी बधाई जरूरतमंद परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध करवाना प्रदेश सरकार का लक्ष्य - डॉ. शांडिल संजय अवस्थी ने राज्य स्तरीय सायरोत्सव की प्रथम सांस्कृतिक संध्या का किया शुभारम्भ 180 साल बाद फ्लोरेआना द्वीप पर लौटे विशालकाय कछुए, विलुप्त मानी जा रही प्रजाति को मिली नई जिंदगी! 1984 में AI को लेकर जेम्स कैमरून ने दी थी चेतावनी, अब बोले—‘जो खतरा बताया था, वह हकीकत बन रहा है!’
वरिष्ठ नागरिक कल्याण संघ सायरी ने किया किन्नौर और लाहौल-स्पीति का भ्रमण - 60 से 77 वर्ष की उम्र में किया दुर्गम यात्रा का कारनामा
भारत

वरिष्ठ नागरिक कल्याण संघ सायरी ने किया किन्नौर और लाहौल-स्पीति का भ्रमण - 60 से 77 वर्ष की उम्र में किया दुर्गम यात्रा का कारनामा

ब्यूरो रिपोर्ट | अपडेटेड: 22 Sep, 2026
इस लेख में

    ये भी पढ़ें

    *वरिष्ठ नागरिक कल्याण संघ सायरी ने किया किन्नौर और लाहौल-स्पीति का भ्रमण - 60 से 77 वर्ष की उम्र में किया दुर्गम यात्रा का कारनामा* *कुनिहार (सोलन) से नेशन न्य
    विज्ञापन Website development Agency

    *वरिष्ठ नागरिक कल्याण संघ सायरी ने किया किन्नौर और लाहौल-स्पीति का भ्रमण - 60 से 77 वर्ष की उम्र में किया दुर्गम यात्रा का कारनामा*


    *कुनिहार (सोलन) से नेशन न्यूज के लिए हरजिन्दर ठाकुर की रिपोर्ट :-*

    कुनिहार (सोलन)।वरिष्ठ नागरिक कल्याण संघ सायरी के *14 सदस्यीय दल* ने अध्यक्ष *जगदीश भारद्वाज* के नेतृत्व में किन्नौर और लाहौल-स्पीति के दुर्गम क्षेत्रों का भ्रमण किया। यात्रा में *60 से 77 वर्ष* की आयु के वरिष्ठ नागरिकों ने भाग लिया और हिमालय की प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक स्थलों और स्थानीय जीवनशैली का अनुभव किया।

    दल ने सायरी से यात्रा शुरू कर शिमला, रामपुर, ज्यूरी, तारंडा, कड़छम और सांगला होते हुए भारत के अंतिम गांव *छितकुल* में रात्रि विश्राम किया। अगले दिन छितकुल से रवाना होकर हिमाचल के रेगिस्तान के नाम से प्रसिद्ध गांव *पूह, नाको झील और स्पीति व सतलुज नदी के संगम स्थल खाब* का भ्रमण किया।

    इसके बाद समदो होते हुए *ग्यू गांव* पहुंचे। यहां करीब *550 वर्ष पुरानी ममी* देखकर सभी सदस्य हैरान रह गए। स्थानीय लोगों ने ममी के बाल और नाखून लगातार बढ़ने की मान्यता के बारे में जानकारी दी।

    यात्रा के दौरान दल ने *ताबो में अंतरराष्ट्रीय ताबो मठ, काजा, कीह मठ और लांगजा गांव* का भ्रमण किया। इसके बाद विश्व के सबसे ऊंचे गांवों में शामिल *कोमिक और हिक्किम* का दौरा किया। हिक्किम में स्थित *विश्व के सबसे ऊंचे डाकघर* को भी देखा। अधिक ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी के कारण सांस लेने में कठिनाई के बावजूद सदस्यों ने हिम्मत नहीं हारी।

    इसके बाद दल ने *एशिया के सबसे ऊंचे चीचम रोप ब्रिज* का अवलोकन किया और लोसार में रात्रि विश्राम किया। अगले दिन करीब 4500 मीटर ऊंचाई पर स्थित *कुंजुम पास* पहुंचकर कुंजुम माता के दर्शन किए। चंद्रताल झील के मनमोहक दृश्यों का आनंद लेने के बाद दल मनाली पहुंचा। रास्ते में *अटल टनल और सोलंग नाला* का भी भ्रमण किया।

    यात्रा के दौरान सदस्यों ने स्थानीय लोगों के रहन-सहन, खेती और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में जीवनयापन के तरीकों की जानकारी प्राप्त की।

    भ्रमण में जगदीश भारद्वाज, बैली राम राठौर, रमेश कश्यप, राम सरण, राजेंद्र परिहार, सीता राम कश्यप, पूर्ण चंद कश्यप, गोपाल भारद्वाज, मनोहर लाल, टेक चंद और दलीप शर्मा सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।

    विज्ञापन web development agency