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चैत्र नवरात्रि आज से शुरू: 8 शुभ मुहूर्त में करें घट स्थापना, जानिए 9 दिन की आसान पूजा विधि और व्रत के नियम
आज से चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व शुरू हो गया है। माता दुर्गा के 9 स्वरूपों की उपासना के इन नौ दिनों में भक्त घट स्थापना (कलश स्थापना) कर देवी की पूजा करते हैं। मान्यता है कि सही मुहूर्त और विधि से पूजा करने पर घर में सुख-समृद्धि और शांति आती है।
🪔 घट स्थापना के शुभ मुहूर्त (आज)
घट स्थापना के लिए पूरे दिन में कई शुभ समय मिलते हैं। खास तौर पर अभिजीत मुहूर्त और सुबह के समय को श्रेष्ठ माना जाता है।
प्रमुख शुभ मुहूर्त:
- प्रातः 06:15 से 08:45 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: 12:10 से 12:55 बजे तक
- दोपहर और शाम के अन्य शुभ चौघड़िया भी मान्य हैं
👉 ध्यान रखें: राहुकाल में घट स्थापना न करें।
🌸 घट स्थापना की आसान विधि
- घर के मंदिर या साफ स्थान पर मिट्टी बिछाएं
- उसमें जौ (जवारे) बोएं
- एक कलश में जल भरकर आम के पत्ते और नारियल रखें
- कलश पर स्वास्तिक बनाएं
- माता दुर्गा का ध्यान करते हुए स्थापना करें
- दीप जलाकर पूजा शुरू करें
नौ दिनों की पूजा कैसे करें
हर दिन मां दुर्गा के अलग स्वरूप की पूजा होती है:
- मां शैलपुत्री
- मां ब्रह्मचारिणी
- मां चंद्रघंटा
- मां कूष्मांडा
- मां स्कंदमाता
- मां कात्यायनी
- मां कालरात्रि
- मां महागौरी
- मां सिद्धिदात्री
👉 रोज स्नान कर माता को फूल, फल, नैवेद्य अर्पित करें और दुर्गा चालीसा/सप्तशती का पाठ करें।
नवरात्रि व्रत के नियम
- व्रत में फलाहार करें (फल, दूध, साबूदाना, कुट्टू आटा)
- लहसुन-प्याज और अनाज का सेवन न करें
- सात्विक भोजन करें
- मन, वाणी और व्यवहार को शुद्ध रखें
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. क्या बिना व्रत के पूजा कर सकते हैं?
👉 हां, श्रद्धा से पूजा करना सबसे महत्वपूर्ण है।
Q. क्या महिलाएं मासिक धर्म में पूजा कर सकती हैं?
👉 व्यक्तिगत मान्यताओं के अनुसार निर्णय लिया जाता है।
Q. क्या रोज हवन जरूरी है?
👉 जरूरी नहीं, आप साधारण पूजा भी कर सकते हैं।
Q. कन्या पूजन कब करें?
👉 अष्टमी या नवमी के दिन किया जाता है।
🌼 नवरात्रि का महत्व
चैत्र नवरात्रि हिंदू नववर्ष की शुरुआत भी मानी जाती है। यह पर्व शक्ति, भक्ति और आत्मशुद्धि का प्रतीक है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा की आराधना से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।