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कच्चे माल के दाम ज्यादा, सप्लाई में भी बाधा, फार्मा उद्योगों में बढ़ा संकट, 40 से 50 प्रतिशत तक बढ़े रेट
हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी। बरोटीवाला-नालागढ़ में फार्मा उद्योग इन दिनों कच्चे माल की कमी और बढ़ती कीमतों के कारण गंभीर दबाव में आ गए हैं। जरूरी रसायनों और दवा निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की कीमतों में तेज उछाल के साथ-साथ सप्लाई में आ रही रुकावटों ने उद्योगों के सामने उत्पादन बनाए रखने की बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।
उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के अनुसार वर्तमान स्थिति में कई फैक्टरियों के लिए नियमित उत्पादन जारी रखना कठिन होता जा रहा है। कच्चे माल की उपलब्धता घटने और कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण उत्पादन लागत में भारी इजाफा हुआ है। इसके लावा कई जरूरी रॉ-मैटीरियल के दाम पिछले कुछ समय में 40 से 50 प्रतिशत तक बढ़ चुके हैं, जिससे उद्योगों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है।
वैश्विक सप्लाई चेन पर ईरान-इजराइल युद्ध का असर
फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री एफआईआई के हिमाचल प्रदेश अध्यक्ष डा. चिरंजीव ठाकुर और उपाध्यक्ष युवराज सिंह छौक्कर ने कहा कि उद्योग इस समय दोहरी मार झेल रहे हैं। एक ओर कच्चे माल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, वहीं दूसरी ओर सप्लाई चेन प्रभावित होने के कारण उद्योगों को समय पर आवश्यक सामग्री नहीं मिल पा रही है।
डा. चिरंजीव ठाकुर के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी ईरान-इजराइल तनाव का असर वैश्विक सप्लाई चेन पर पडऩे लगा है। कई महत्त्वपूर्ण रसायनों और फार्मा कच्चे माल की उपलब्धता प्रभावित हुई हैै। उद्योग संगठनों ने केंद्र सरकार से तुरंत संज्ञान लेने और आवश्यक हस्तक्षेप करने की मांग की है। यदि जल्द ही उचित कदम नहीं उठाए गए, तो उत्पादन प्रभावित हो सकता है।