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विकास के नाम पर बना पुल, अब बना सिरदर्द
भारत

विकास के नाम पर बना पुल, अब बना सिरदर्द

ब्यूरो रिपोर्ट | अपडेटेड: 19 Jun, 2026
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    *बुघार कनैता-बनियाँ देवी मार्ग पर हर सफर बना जुआ*

    सोलन से नेशन न्यूज के लिए हरजिन्दर ठाकुर की रिपोर्ट :-तीन विधानसभा क्षेत्रों को जोड़ने वाली सड़क आज खुद सवालों के घेरे में खड़ी है। दून, अर्की और सोलन को जोड़ने वाली बुघार कनैता से बनियाँ देवी तक की सड़क पर गाड़ी चलाना अब सुविधा नहीं, जोखिम बन गया है।

    तीन साल पहले जिस पुल और मार्ग का उद्घाटन बड़े-बड़े वादों के साथ हुआ था, उसकी हालत दो महीने में ही बिगड़ने लगी थी। आज आलम यह है कि डामर गायब है और उसकी जगह गहरे गड्ढों ने ले ली है। ग्रामीण मजाक में कहते हैं - “यहां सड़क ढूंढनी पड़े तो गड्ढों के बीच में मिलेगी।”

    मुश्किल की जड़ पानी निकासी है। सड़क के साथ नालियां न होने से बारिश का पानी सीधे सड़क पर बहता है और उसे काटता चला जाता है। बुघार गुजरान से बांवा बाड़ी पुल तक यही कहानी दोहराई जा रही है। पिछले मानसून में पुलियां तक बंद हो गईं, पर उन्हें साफ करने वाला कोई नहीं आया। नतीजा - टूटती सड़क, टूटते वाहन और हर मोड़ पर हादसे का डर।

    ग्राम पंचायत बुघार कनैता के प्रधान का कहना है कि उन्होंने विभाग को कई बार अवगत कराया है। लोक निर्माण विभाग चंडी के जेई श्याम लाल ने भरोसा दिलाया है कि मशीन भेजकर गड्ढे भरे जाएंगे। लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी माना कि पानी निकासी के लिए जरूरी संसाधन विभाग के पास अभी नहीं हैं।

    कुनिहार डिवीजन के जेई के मुताबिक मेंटेनेंस का ठेका खत्म हो चुका है और अब नए सिरे से मरम्मत का काम शुरू होगा।

    लोगों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी अगर दो साल में सड़क टूट जाए तो सवाल उठना लाजिमी है। उन्होंने चेताया है कि अगर जल्द ठोस कदम नहीं उठे तो आंदोलन तय है और उसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

    लोगों के लिए यह सड़क कभी तीन क्षेत्रों को जोड़ने वाली लाइफलाइन थी। आज वही सड़क उनकी रोजमर्रा की सबसे बड़ी परेशानी बन चुकी है।