ये भी पढ़ें
“योग करे जो मन से, रोग रहे वो तन से दूर”
_कुनिहार के बी.एल. स्कूल में गूंजा योग का स्वर, बच्चों ने जाना स्वस्थ जीवन का मूल मंत्र_
कुनिहार से नेशन न्यूज के लिए हरजिन्दर ठाकुर की रिपोर्ट :-
21 जून की सुबह जब सूरज निकला, तो बी.एल. सेंट्रल पब्लिक स्कूल कुनिहार का प्रांगण सिर्फ स्कूल नहीं, एक योगशाला बन गया। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर यहां ऐसा नज़ारा दिखा जहाँ हर सांस में शांति और हर आसन में अनुशासन दिख रहा था।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय अध्यक्ष *गोपाल शर्मा* के स्वागत से हुई। छात्रों और शिक्षकों की तालियों के बीच उन्होंने कहा – “योग कोई कसरत नहीं, यह जीवन जीने की कला है। जब भारत का यह ज्ञान पूरी दुनिया अपना रही है, तो हमें गर्व के साथ इसे अपनाना चाहिए।”
माहौल को जीवंत बनाया शारीरिक शिक्षिका *अरुणा शर्मा* ने। उन्होंने न सिर्फ ताड़ासन, वृक्षासन, अनुलोम-विलोम करवाए, बल्कि हर आसन के पीछे छिपा विज्ञान भी समझाया। बच्चों की आँखों में उत्सुकता थी और चेहरों पर एक अलग सी शांति।
एस.एस.एस. प्रभारी *पूनम शर्मा* ने बताया कि इस बार एन.एस.एस., एन.सी.सी., स्काउट्स-गाइड्स और लायन इको क्लब के विद्यार्थियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मंच पर मुख्याध्यापिका *सुषमा शर्मा*, उप-प्रधानाचार्य *पुरुषोत्तम लाल*, *शिवानी शर्मा* और अन्य प्रभारी शिक्षक भी मौजूद रहे।
अभिभावक-शिक्षक संघ के अध्यक्ष *रतन तंवर* ने कहा, “अगर हम बचपन से ही योग को अपनाएं, तो आने वाली पीढ़ी शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनेगी।”
करीब एक घंटे तक चला यह सामूहिक योगाभ्यास संकल्प के साथ खत्म हुआ – “स्वस्थ रहेंगे, स्वस्थ रखेंगे।” अंत में सभी को फल और जूस देकर ऊर्जा का संचार किया गया।
कुल मिलाकर यह कार्यक्रम सिर्फ एक दिवस की औपचारिकता नहीं रहा, बल्कि बच्चों के मन में यह बीज बो गया कि स्वस्थ शरीर और शांत मन ही असली सफलता है।